Friday, December 21, 2007

ब्लॉग आरती में अपना बहुमूल्य सहयोग दें

अब एक आरती भी

जय जय ब्लॉग हरे
ओम जय ब्लॉग हरे
ओम जय ब्लॉग हरे

हर ब्लॉगस्वामी इसमें पोस्टियाता
जी मेल धारी जी भर भर टिपियाता
अपने मन की हलचल इसमें समाता

जय जय ब्लॉग हरे
ओम जय ब्लॉग हरे

हम भी बगीची अपनी सजाते
उसमें नई पोस्टिंग रोज लगाते
खाली न दिन कोई अब जाता
स्वामी खाली न दिन कोई जाता

जय जय ब्लॉग हरे
ओम जय ब्लॉग हरे

मैंने शुरूआत कर दी है अब इसमें अपने ब्लॉगस्वामी मित्रों और बैरियों से बंध जोड़ने के लिए अनुरोध है। इसे एक जनवरी दो हजार आठ को आवश्यक रूप से पोस्ट किया जायेगा। हम इंतजार करेंगे मित्र।

6 टिप्पणियाँ:

Dr.Parveen Chopra ने कहा…

वाचस्पति जी, बहुत अच्छे.....इस आरती में हमारी भेंट स्वीकार कीजिए।

रंजू ने कहा…

हर ब्लॉगस्वामी इसमें पोस्टियाता
जी मेल धारी जी भर भर टिपियाता
अपने मन की हलचल इसमें समाता

हमारी भी भेंट स्वीकार करे ..बहुत सही लिखा है :)

anuradha srivastav ने कहा…

हर ब्लॉगस्वामी इसमें पोस्टियाता
जी मेल धारी जी भर भर टिपियाता
अपने मन की हलचल इसमें समाता
बहुत खूब ..... हमारी हाज़िरी भी लगा लीजियेगा।

सुभाष नीरव ने कहा…

इस आरती में भेंट इसलिए डाल रहा हूँ क्योंकि यह आरती मेरे मित्र अविनाश वाचस्पति ने तैयार की है। लेकिन ब्लागिंग दुनिया में, वह भी हिंदी ब्लागिंग में, जो उत्साह दिखाई दे रहा है, उससे मुझे नहीं लगता कि हमें किसी आरती का सहारा लेना पड़ेगा।

इष्ट देव सांकृत्यायन ने कहा…

चलिए! हमने भी दाल दी जी भेंट आपकी आरती में.

mahashakti ने कहा…

ब्‍लाग भगवान को आरती में हमरी भी फटही नोट अखिर चल ही गई :)

अच्‍छा लिखा है आपने मजा आ गया।