Thursday, November 29, 2007

ब्लॉगिंग एक ऊर्जा है

ब्लॉगिंग एक ऊर्जा है
जानते हैं सिर्फ ब्लॉगर
पहचानते हैं सिर्फ ब्लॉगर
ही नहीं, वे भी, जो
इसे पढ़ते भी हैं
और करते हैं टिप्पणी.

टिप्पणी ऐसी जो
झकझोर दे अंतर्मन को
ब्लॉगिंग के दीवाने लोग
मन से विचारों से जुड़ते लोग
सीढ़ियों पर चढ़ते उतरते लोग.

बगीची, वाटिका, मोहल्ला
नुक्कड़,चवन्नी चैप,उड़न तश्तरी
प्रेम ही सत्य है, बतलाते अजदक
से बतियाते, चौखट पर छा जाते
चक्रधर की चकल्लस से चकियाते

फुरसतिया, मसिजीवी और
पूंजी बाजार का हाल बताते
धमाल मचाते,मिर्ची सेठ बन जाते
चिट्ठाचर्चा चलाते,टहलते फिरते
गुस्ताख, पर करते नहीं गुस्ताखी
मन को जीतने की है उनकी
हमारी सबकी बाजी.

एग्रीग्रेटर्स ब्लॉगवाणी, चिट्ठाजगत
नारद, सर्वज्ञ,हिन्दी ब्लॉग्स ने
जिम्मेदारी संभाली
एक नई पहचान जुटा दी.

इस परिवर्तन को
हम सब सहेजें
ऊर्जा मंथन को।

गोवा से