Sunday, January 13, 2008

हकीकत-ए-सेंसेक्‍स

इस लिंक पर भी कविता और शेयर बाजार पर राय का लाभ उठा भला कर सकते हैं

http://wahmoney.blogspot.com/2008/01/blog-post_12.html


यह शेयर बाजार लहरा रहा है
भारत का झण्डा फहरा रहा है
हरा रहेगा या होगा लाल, वाह
वाह, हरा रहेगा या होगा लाल
रोज दोनों रंग देखने को मिलेंगे
हंसने रोने के फल खिलेंगे फूल
शेयर चाटेंगे धूल बनेंगे वे बबूल

भारत का शेयर बाजार लहरा रहा है
झण्डा विकास का रोज फहरा रहा है
धीरे धीरे होता है हरा हरा और हरा
झटके से होता लाल लाल और लाल
सूख जाते हलक कान हो जाते लाल
फिर दोबारा हरा भरा अब गाल लाल