हिचकोले खा रहा देखो बाजार
चल रही हो ज्यों गर्भिणी नार
पंचर टायर पर चल रही कार
सरपर पड़ रही ओलों की मार
बाजार नहीं अब तो है बेजार
एफआईआई जिसका कलाकार
औंधे मुंह गिरे सांड खूब सोले
बाजार पेटभर अब तू भी रोले
सांड बेचारा क्या मुंह से बोले
जब लग रहे हों तेज हिचकोले
Wednesday, January 23, 2008
बाजार पेटभर अब तू भी रोले
प्रस्तुतकर्ता
अविनाश वाचस्पति
पर
Wednesday, January 23, 2008
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